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अमेरिकी कॉमेडियन ने ट्रम्प का मजाक उड़ाया: कहा- अप्रवासियों की गिरफ्तारी रोके अपने अवॉर्ड दूंगा; व्हाइट हाउस बोला- अपने पास रखो, नौकरी जाने पर गिरवी रखना


अमेरिकी लेट-नाइट होस्ट और कॉमेडियन जिमी किमेल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का मजाक उड़ाते हुए एक ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को अवॉर्ड्स बहुत पसंद हैं, इसलिए अगर ट्रम्प मिनियापोलिस से ICE (अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) के एजेंट्स को हटा लें और उन्हें वापस बॉर्डर पर भेज दें, तो वह ट्रम्प को अपने अवॉर्ड्स दे देंगे। यह मजाक जिमी किमेल लाइव शो के गुरुवार रात के एपिसोड में आया। किमेल ने ट्रम्प को अपना 1999 का डेटाइम एमी अवॉर्ड, क्लियो अवॉर्ड, वेबी अवॉर्ड, राइटर्स गिल्ड अवॉर्ड और यहां तक कि 2015 का सोल ट्रेन अवॉर्ड व्हाइट पर्सन ऑफ द ईयर देने की पेशकश की। किमेल ने कहा कि ‘इस वक्त एक अच्छा राष्ट्रपति हालात को शांत करने का रास्ता खोजता, लेकिन हमारे डोनाल्ड ऐसे नहीं हैं। वह जहां जाते हैं, वहां का तापमान बढ़ा देते हैं।’ ट्रम्प ने अमेरिका के मिनेसोटा में सेना तैनात करने की धमकी दी थी। यहां अप्रवासियों की गिरफ्तारी के बाद हिंसा भड़क गई थी। जिमी किमेल के इस ऑफर पर व्हाइट हाउस ने भी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने शुक्रवार को X पर लिखा, ‘जिमी को ये अवॉर्ड अपने पास ही रखने चाहिए, ताकि जब खराब रेटिंग्स की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाए, तो वे इन्हें गिरवी रख सकें।’ जिमी किमेल का पूरा वीडियों देखें.. किमेल बोले- राष्ट्रपति किसी के गले से भी मेडल खींच सकते हैं यह व्यंग्य ऐसे समय आया जब वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने व्हाइट हाउस में ट्रम्प को अपना नोबेल पीस प्राइज मेडल भेंट किया। ट्रम्प ने महीनों से नोबेल प्राइज न मिलने की शिकायत की थी। किमेल ने मजाक उड़ाया कि “कभी-कभी कोई राष्ट्रपति किसी के गले से भी नोबेल प्राइज का मेडल खींच लेता है।” उन्होंने ट्रम्प की फोटो दिखाते हुए कहा, “देखिए कितने खुश हैं ट्रम्प। क्या आपने कभी किसी को इतना खुश देखा है जिसने कोई प्राइज खुद नहीं जीता हो?” किमेल ने आगे कहा कि माचाडो खाली हाथ नहीं गईं, उन्हें एक ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ मग गिफ्ट के तौर पर मिला। फेमस अमेरिकी कॉमेडियन हैं जिमी, 51 नॉमिनेशन्स मिल चुके जिमी किमेल एक प्रसिद्ध अमेरिकी कॉमेडियन, टेलीविजन होस्ट, प्रोड्यूसर और राइटर हैं। उनका पूरा नाम जेम्स क्रिश्चियन किमेल है। शुरुआत में वे रेडियो डीजे थे और कई शहरों में काम किया। फिलहाल वे जिमी लाइव नाम के लेट-नाइट टॉक शो के होस्ट और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। जो 2003 से ABC पर प्रसारित हो रहा है। शो के अबतक 23 सीजन से ज्यादा हो चुके हैं, जो जॉनी कार्सन के बाद सबसे लंबे समय तक एक ही लेट-नाइट शो होस्ट करने का रिकॉर्ड है। शो में सेलिब्रिटी इंटरव्यू, कॉमेडी स्किट्स, म्यूजिकल परफॉर्मेंस और पॉलिटिकल सटायर शामिल होता है। जिमी को कुल 14 प्रमुख अवॉर्ड जीत चुके हैं और 51 से ज्यादा नॉमिनेशन्स मिले हैं। मिनियापोलिस के हालात पर एक नजर… अप्रवासियों की गिरफ्तारी के बाद मिनियापोलिस में हिंसा भड़की थी ट्रम्प पिछले कई हफ्तों से मिनेसोटा के डेमोक्रेट नेताओं से नाराज हैं। उन्होंने राज्य में रहने वाले सोमाली मूल के लोगों को कचरा बताते हुए देश से बाहर फेंकने जैसी टिप्पणी भी की है। ट्रम्प प्रशासन मिनियापोलिस इलाके में करीब 3,000 अधिकारियों को तैनात कर चुका है। डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में सत्ता संभालने के बाद बड़े पैमाने पर अवैध अप्रवासियों की गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की सख्त मुहिम शुरू की है। ये एजेंट हजारों लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे नस्लीय भेदभाव और आतंक मान रहे हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ दिन-रात विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मिनियापोलिस शहर में प्रदर्शनकारियों और एजेंट्स के बीच झड़पें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह तनाव तब और बढ़ गया जब बुधवार को एक फेडरल अधिकारी ने एक वेनेजुएला नागरिक को गोली मार दी। उस व्यक्ति पर आरोप था कि वह ट्रैफिक चेक से भाग रहा था और उसने एजेंट पर हमला किया था। अमेरिकी अधिकारी ने कार सवार महिला को गोली मारी थी अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में 7 जनवरी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट ने कार सवार महिला को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान रेनी गुड (37) के तौर पर हुई। वह तीन बच्चों की मां थीं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के मुताबिक महिला ने अधिकारियों को कार से टक्कर मारने की कोशिश की थी, जिसके बाद एजेंट ने कार्रवाई की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ICE एजेंट का बचाव किया है। उन्होंने दावा किया कि महिला ने जानबूझकर अधिकारी को निशाना बनाया। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) क्या है? ICE अमेरिका की एक फेडरल एजेंसी है। यह देश में अवैध इमिग्रेशन की रोकथाम, डिपोर्टेशन (देश से बाहर भेजना) और क्रॉस बॉर्डर क्राइम्स पर कार्रवाई करती है। यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के तहत काम करती है। ICE की स्थापना साल 2003 में हुई थी। 9/11 आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए DHS बनाया और उसी के तहत ICE को गठित किया गया। इसका मकसद देश के भीतर सुरक्षा से जुड़े इमिग्रेशन अपराधों पर सख्त निगरानी था। कैसे काम करती है ICE- अवैध इमिग्रेशन पर कार्रवाई ICE का काम कोर्ट या प्रशासनिक आदेश के बाद व्यक्ति को उसके देश वापस भेजना होता है। अमेरिका के कुछ शहरों और राज्यों ने खुद को सैंक्चुरी सिटी घोषित किया है। यहां ICE को लोकल प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होता है। इसका मकसद प्रवासी समुदाय में डर कम करना और जनता में स्थानीय पुलिस का भरोसा बनाए रखना है।

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