पटना के निजी अस्पताल में इलाज कराना मुश्किल है. कभी मोटी रकम वसूलने को लेकर तो कभी इलाज में लापरवाही के चलते हंगामा होते रहता है. ताजा मामला पटना के कंकड़बाग स्थित श्री साईं हॉस्पिटल का है जहां से हैरान कर देने वाली एक घटना सामने आई है. आरोप है कि यहां इलाज के दौरान एक महिला मरीज इंदु देवी (उम्र करीब 57-58 साल) के हाथ से सोने की अंगूठी नर्स ने चुरा ली.
इस मामले में कदमकुआं की रहने वाली पीड़ित मरीज इंदु देवी के परिजनों की ओर से कंकड़बाग थाने में शिकायत दर्ज करने के लिए बीते शुक्रवार (16 जनवरी, 2026) को आवेदन दिया गया, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया है. अब जांच के बाद पता चलेगा कि क्या कुछ निकलकर सामने आता है.
डिस्चार्ज के बाद पता चला चोरी हुई अंगूठी
इस पूरे मामले में महिला ने बताया कि 12 जनवरी (2026) की शाम उसे सीने में दर्द हुआ तो परिवार वालों ने श्री साईं हॉस्पिटल में भर्ती कराया. इस दौरान उसे होश था. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाने पर एक नर्स ने सोने-चांदी के जो भी हल्के गहने थे उसे अटेंडेंट के सामने उतारकर दे दिया. इसके बाद साइन करा लिया गया कि गहने लिए जा चुके हैं. इस बीच नर्स ने एक अंगूठी भी हाथ से निकाली जिसे परिजनों को उसने दिया ही नहीं. इस बीच 14 जनवरी की शाम को महिला हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गई. घर जाने के बाद जब 16 जनवरी को परिवार वालों से गहना लेकर देखा तो पता चला कि अंगूठी नहीं है.
इसके बाद महिला अपने परिजनों के साथ अस्पताल गई. यहां अस्पताल वाले पहले तो सीसीटीवी फुटेज दिखाने के लिए तैयार हुए लेकिन बाद में मना कर दिया. इसके बाद शुक्रवार को ही महिला कंकड़बाग थाने चली गई और इसकी शिकायत पुलिस से कर दी.
नर्स पर बनाया जाएगा दबाव
अस्पताल का पक्ष जानने के लिए एबीपी न्यूज़ ने फोन लगाया. इस पर मैनेजमेंट की ओर से अरविंद कुमार नाम के किसी व्यक्ति ने यह जानकारी दी कि हमारे यहां दो दिन से अधिक पुराना सीसीटीवी फुटेज नहीं रहता है. आज (शनिवार) मरीज के अटेंडेंट लोग आए थे. उनसे यही बात हुई कि जिस नर्स पर आरोप लगाया जा रहा है हम लोग उससे एक बार बात करेंगे. हम लोगों की ओर से उस पर दबाव बनाया जाएगा कि वह स्वीकार कर ले. अगर वह नहीं करती है तो उस स्थिति में फिर अस्पताल भी कुछ नहीं कर पाएगा.
इस पूरे मामले में शनिवार (17 जनवरी, 2026) को कंकड़बाग थाने के एसएचओ ने एबीपी न्यूज़ को फोन पर बताया कि आवेदन मिला है जिसकी जांच की जा रही है. जांच के लिए ऑफिसर को दिया गया है. जांच के बाद जो मिलेगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.